देश से गरीबी खत्म कर देगी कांग्रेस की 'न्याय योजना

देश से गरीबी खत्म कर देगी कांग्रेस की ‘न्याय योजना

25 मार्च 2019,
 भारतीय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोक सभा चुनाव से  पहले देश के गरीबो को ‘न्याय’ (न्यूनतम आय योजना)  देने का ऐलान किया है।  राहुल गाँधी जी  ने देश के 20 फीसदी गरीबों को न्यूनतम आय की गारंटी देने वाली  एक बड़ी योजना की घोषणा की है।  इसके तहत करीब 5 करोड़ परिवारों को हर साल 72,000 रुपये की न्यूतनत आय की गारंटी दी जाएगी।
 उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी देश के अमीर लोगों को धन दे सकते हैं, तो कांग्रेस पार्टी  देश के गरीब लोगों को 72,000 रुपये क्यों नहीं दे सकती। कांग्रेस ने इस योजना को NYAY (न्यूनतम आय योजना) नाम दिया है।राहुल गाँधी ने कहा  यह दुनिया की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजना होगी।
राहुल गांधी ने कहा कि यह योजना तैयार है और यह वित्तीय रूप से पूरी तरह से व्यावहारिक है। इसके तहत देश के  25 करोड़ लोगों को योजना का लाभ मिलेगा। राहुल ने कहा, ‘हम देश से गरीबी को दूर करके रहेंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस सरकार सत्ता में आई तो यह योजना कई चरणों में लागू की जाएगी।  राहुल ने कहा कि कांग्रेस ने इस योजना के वित्तीय प्रभावों का अध्ययन किया है और इसको अंतिम रूप देने से पहले देश के प्रमुख अर्थशास्त्रियों तथा एक्सपर्ट से 4-5 महीने तक कई दौर में परामर्श लिया है।
राहुल ने कहा कि महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार योजना से देश में 14 करोड़ लोगों को गरीबी के दुष्चक्र से बाहर रखने में मदद मिली है। जिस न्याय योजना की कांग्रेस ने घोषणा की है, वह बाकि बची गरीबी को भी दूर कर देगी।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पत्रकारों के बीच बातचीत में कहा कि न्याय योजना के तहत ₹72000  महिलाओं के खाते में जाएंगे। सुरजेवाला ने बताया कि यह टॉप अप स्कीम नहीं है इसके तहत सिर्फ घर की गृहणी के खाते में पैसे जाएंगे। सुरजेवाला ने यह भी बताया कि शहर और गांव दोनों के गरीबों को इस योजना का लाभ मिलेगा। कांग्रेस सरकार ने गरीबों की गरीबी को कम करने के लिए काम किया है। अभी देश में 22 फीसदी गरीबी है इस योजना से वो  गरीबी भी खत्म हो जाएगी। सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा भाजपा सरकार आज इस स्कीम का विरोध कर रही है। जबकि नरेंद्र मोदी अमीरों का कर्जा तो माफ कर रहे हैं। लेकिन गरीबों को फायदा पहुंचाने वाली स्कीम का विरोध कर रहे हैं।

Leave a Reply